ख्वाइश

ख्वाइश = Wish. Wish is what we all do, but wish is never true.

Read to know…know to read.

English version to come soon. 🙂

मेरी एक ख्वाइश है
जिसमें छिपी कुछ फरमाइश है
न जाने क्या गुंजाईश है
कुछ तो है जिसकी रिहाइश है.

ख्वाइश क्या है?

हर वह चीज़ जो मेरे पास नहीं,
मुझे उसकी ख्वाइश है.
हर वह गुण जिसका मुझे एहसास नहीं,
मुझे उसकी ख्वाइश है.
हर वह बात जिसमें मेरी आवाज नहीं,
मुझे उसकी ख्वाइश है.

जो भी हमारे पास नहीं, हमे उसी की ख्वाइश होती है.
जानकार होते हुए भी जो हम न माने, वही से इसकी शुरुवात होती है.

ख्वाइश क्या होती है?

ख्वाइश वह है जो सच नहीं,
सच का मुखौटा पेहेनके आती है.
और सच वह है जो ख्वाइश नहीं,
जीवन का सार बन जाती है.

ख्वाइश वह है जो हमसे यह कहती है, “अभी तुम लायक नहीं”
लायक बनन्ना पड़ता है, ख्वाइश की कोई बात नहीं.
जो ठान लो उससे सपना बना लो,
सपनो की कोई रात नहीं,
मेरी ख्वाइश यही रहेगी,
सपने पूरे कर सकू, फर्याद नहीं.

2 thoughts on “ख्वाइश

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