वह एक सुबह

I had the good fortune to meet someone today. Someone who really made my day. Hope you do well and stay happy. 🙂

From a humbled heart, I present to you this Poem.

 

जैसे हर रात के बाद एक सुबह आती है
जैसे हर बात कुछ जज़्बात जता जाती है
जैसे हार साँस एक नया एहसास लाती है
ठीक उसी तरह हम सबकी ज़िन्दगी में वह एक सुबह जरूर आती है

कौनसी एक सुबह?

जिस सुबह मैंने अपने आप से बात की,
जिस सुबह में हँसा और मुस्कुराया
जिस सुबह मैंने अपने आप से यह पूछा,
क्या मैंने खुद वह किया जो मैंने दुसरो को समझाया?

नहीं, मैंने नहीं किया.

कहना आसान है, करना मुश्किल
समझाना आसान है, समझना मुश्किल,
दिमाग समझदार है दिल नहीं,
गलती करना गलत नहीं.
जरुरत जरूर है पर जरुरी नहीं,
जो सोचा वह वैसा ही हो,
मनमानी जरूर की पर मन को समझाया नहीं,
संघर्ष मेरे अकेले का नहीं.

अब सुनो सुबह की वह एक बात.

ज़िन्दगी किसीकी भी आसान नही,
पर हममे यह समझ आता नहीं,
समझ नासमझ क इस खेल में,
या तोह में कहता हूँ या जता पाता नहीं.

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