Hindi Poem

My identity is through my words and my genuinity is in my eyes. Hear to know and see to believe.

 

kka

 

रेत

कहते है कलम में तलवार से ज्यादा धार होती है,
रक्त बेह जाता है पर स्याही कहती रहती है.
में एक लेखक हूँ जो रेत से है बना,
सुनने यह रेत क्या कहती है.

जितना बांधोगे उतना में उडूंगा,
अपना रास्ता में खुद चुनूंगा,
सोच हूँ में, मुझे पकड़ नहीं सकोगे,
सच बोलू तोह शायद पूरी तरह समझ नहीं सकोगे.

आइना हूँ में जो सच दिखाता है,
खुद की गलती से दुसरो को सिखाता है,
नहीं जनता मुझे कौन कब पढ़ेगा,
लेखक वह है जो हमेशा सच कहेगा.

खुश करना मेरी फितरत नहीं,
दुःख देना मेरा पेशा नहीं,
दिखावट के परे दिखा सकू, रेत हूँ,
सच को शब्दों में उतार सकू, तभी में एक लेखक हूँ.

कारवां

चारो ओर संगीत है,
बंद आँखों में भी एक गीत है.
मंज़िल से ज्यादा रास्तो का नशा है,
मंजिल तो बस एक रीत है.

तलाश तो कार्वोह में खोने की है,
क्युकी खुद से मुलाकात वही लिखी है,
नहीं पड़ता फरक की बात गलत या सही है,
कार्वोह में ही मुझे असलियत मिली है.

हर मोड़ पे सब सुलझता लगता है,
सफर करता रहता हूँ ओर साया भी साथ चलता है.
कार्वोह में एक अलग सा सुकून झलकता है,
सच बोलू तो खुद को खो के ही पाना अच्छा लगता है.

सफर में पता नहीं क्या नज़ारा दिख जाये
जाने कौन सी बात यह बंजारा सीख जाये,
हर दिन एक नई कहानी लिख सकू में,
न जाने कौनसे कारवां में मुझे मेरी मंज़िल मिल जाये.

Have you ever met someone, like truly?

If yes, think again and meet them again!!! 🙂

 

कुछ मुलाकाते दिलो में मेहफूज़ रहती है,
सालो बाद भी हुई वह बाते साफ़ सुनाई देती है,
चेहरे बदल जाते है, पर आंखे वही कहती है,
कुछ मुलाकाते दिलो में मेहफूज़ रहती है.

मिलते बोहत है और बोहत मिलेंगे,
सब अपनी वकालत करेंगे,
चेहरे को ही दिल समझ लेंगे,
और सच कहते ही रास्ता बदल लेंगे,

पर कुछ मुलाकाते दिलो में मेहफूज़ रहती है.
क्युकी वह दिल से रूबरू करा जाती है,
प्रतियोगिता नहीं, पर एक दूसरे क प्रति,
बातो का एक पुल्ल बना जाती है,

शायद इसीलिए कुछ मुलाकाते दिलो में मेहफूज़ रहती है..

मुलाकात उससे कहते है जहा जानना और जनाया जाता है,
जनाने में तोह कोई कमी नहीं रहती पर जानना हार जाता है,
अनंत में हम खली हाथ रह जाते है,
क्युकी हम मुलाकात कर ही नहीं पते है.

क्युकी हमने दूसरे को समझने की कोशिश की,
क्युकी उस दूसरे ने हम जानने की कोशिश की,
इसीलिए वह बात आज भी कही गूंजती है,
शायद इसिलए कुछ मुलाकाते दिलो में मेहफूज़ रहती है

If you have even one friend, true friend in your life, then I reckon you are one of the lucky ones.

To friendship, the spirit of friendship.

Share with your friends and let them know their value in your life.

 

आओ आज का दिन ख़त्म करते है,
ख़त्म करने से पहले कुछ बाते करते है,
पूरे दिन के किस्से सुनते है,
दोस्तों के संघ अपने टूटे हिस्से ढूढ़ते है,

अपनी कहानी कहते और सुनते है,
शोर के बाजार में सुकून चुनते है,
कुछ देर ही सही पर यारो में हम,
आओ अपना बचपन जी लेते है.

मतलब की इस दुनिया में दोस्त क्यों मिलते है?
न जाने क्यों पर यही सही लगते है,
सबकी राह अलग है सबकी चाह अलग है,
फिर भी हम एक दूसरे से कुछ समय तक जुड़े रहते है.

यादे बोहत है अगर सोचा जाये,
पर याद तोह वही आती है जहा दोस्तों का ज़िक्र आये,
सीखते सीखते लड़ते गिरते,
हस्ते हसाते यह है कुछ अनकहे रिश्ते.

रोने पे सँभालते है और फिर खुद ही हँसके रुलाते है,
दर लगने पे खुद दौड़े चले आते है,
न जाने क्या है इस दोस्ती की सचाई,
कई कवियों ने लिखा फिर भी दोस्ती समझ न आयी.

उम्र की पाबन्दी नहीं, जात का पता नहीं,
भाषा का अंकुश नहीं, दोस्ती की आवाज़ नहीं.
यह वह एहसास है जो किस्मत से मिलता है,
दोस्त किस्मत वालो को ही मिलता है.

आओ आज का दिन खत्म करे,
चलो कुछ देर अपने दोस्तों से बाते करे.

I had the good fortune to meet someone today. Someone who really made my day. Hope you do well and stay happy. 🙂

From a humbled heart, I present to you this Poem.

 

जैसे हर रात के बाद एक सुबह आती है
जैसे हर बात कुछ जज़्बात जता जाती है
जैसे हार साँस एक नया एहसास लाती है
ठीक उसी तरह हम सबकी ज़िन्दगी में वह एक सुबह जरूर आती है

कौनसी एक सुबह?

जिस सुबह मैंने अपने आप से बात की,
जिस सुबह में हँसा और मुस्कुराया
जिस सुबह मैंने अपने आप से यह पूछा,
क्या मैंने खुद वह किया जो मैंने दुसरो को समझाया?

नहीं, मैंने नहीं किया.

कहना आसान है, करना मुश्किल
समझाना आसान है, समझना मुश्किल,
दिमाग समझदार है दिल नहीं,
गलती करना गलत नहीं.
जरुरत जरूर है पर जरुरी नहीं,
जो सोचा वह वैसा ही हो,
मनमानी जरूर की पर मन को समझाया नहीं,
संघर्ष मेरे अकेले का नहीं.

अब सुनो सुबह की वह एक बात.

ज़िन्दगी किसीकी भी आसान नही,
पर हममे यह समझ आता नहीं,
समझ नासमझ क इस खेल में,
या तोह में कहता हूँ या जता पाता नहीं.

Alone, being lonely is as they say, a state of mind.

Let me prove it to you.

 

 

अकेला कौन है?
जब भी किसीने कुछ नया करना चाहा
वो अकेला रहा.
जब भी किसीने अपने मन से जीना चाहा
वो अकेला रहा.
जब भी किसीने अपने आप से सच कहा
वो अकेला रहा.
जब भी किसीने सच सुन्ना चाहा
वो अकेला रहा.

अकेला क्यों रहा?

दुनिया के कुछ नियम और कानून है,
जो मानता है बस उसे ही मालूम है,
खुद को अगर आईने में देख सकते हो तोह,
बात मेरी तुम्हे मालूम है.

अपने शर्तो पे जीना सीखा,
अपनी बात को कहना सीखा,
जो सही लगा वही पूछना सीखा,
बिना झिजक के उड़ना सीखा.

किया वही जो मान से आया,
सुन्ना उसी को जिसको हमने समझाया,
सही चलने की कोशिश में कही,
अपने आपको अकेला पाया.

अकेला हुआ पार अकेला नहीं था,
साथ कभी कम नहीं था,
जब सन्नाटा छाया चारो और,
दर लगा पर साथ वही था.

साथ कौन था?

साथ थी मेरे वो यादें,
वो नजाने कितनी सीख और बाते,
बचपन से जो संजोया था वो,
आईने से करता था बाते.
में अकेला पड़ा पर में नहीं गया
काफी कुछ सहा और काफी कुछ कहा,
बेकार फ़िज़ूल का दर था मेरा,
क्युकी में खुद को ही भूल गया.

अकेला कौन है?
अकेला कोई नहीं, अकेली सोच है.
विकलांग करने वाली चोट है.
जब भी लगे अकेलापन सा,
खुद को ढूँढना बाकी सब खोट है.

In the world of freedom and social media, I find it funny that people are facing more and more difficulty in expressing themselves. The constant fear of being judged and being looked down upon has made an entire generation a closed book.

Most common cause of depression is the absence of proper emotional outlet.

Something is not right, and I guess we all know what that something is. Let us encourage each other to speak our hearts out. Speak up, let your feelings to come out into the world and make sure you do the same for others.

I dealt with a problem similar to this some time back and it is daunting. A poet who plays with words looking for ways to express himself is both funny and sad at the same time.

I promise to be an ear for all those who need to speak for I know how important it is to speak up and get heard.

The Poet and the Pen is all ears and will be always there if someone needs an ear. But for now, let me tell you what I want everyone to hear. Come, I need to tell you something.

 

एक बात बताता हूँ

आओ तुम सबको एक बात बताता हूँ,
जो दिल में है उससे जुबान से सुनाता हूँ,
जीवन का मंत्र या कोई सीख नहीं,
बस अपने मन की बात कहना चाहता हूँ.

आसान नहीं है यह.

आसान नहीं है यह, मन की बात.
गलत का पता नहीं पर सही पे भी चोटिल होते है जज़्बात,
कब तक ध्यान रखु में?
क्यों न अपने मन की बात करू में?

किसीको बुरा न लगे तो एक बात कहना चाहता हूँ,
किसीको बुरा न लगे तो यह साफ करना चाहता हूँ,
यह मेरे दिल की बात है, इससे आपका कोई नाता नहीं,
सुन सको तो सुनने क्युकी में तुम्हे बुलाता नहीं.

कहने दो जिसे जो कहना है,
उसके मन की बात है.
नहीं होता तो क्यों सुन्ना है,
बात तो सिर्फ जज़्बात है.

आओ एक बात बताता हूँ,
बोलने की आज़ादी मांगता हूँ,
कौन क्या सोचेगा नहीं पता पर,
दर्द होता है जब अपनी बात कह नहीं पता हूँ.